पूर्व सैनिकों ने मनाया भारत का 54 वाँ विजय दिवस ।
मारवाड़ अलख, बीकानेर। 16 दिसंबर 2025 ।
भारतीय सेना इतिहास के पन्नों में 16 दिसंबर की तारीख के जिक्र के दौरान अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवा चुकी है ,भारत-पाक युद्ध वर्ष 1971 में 3 दिसंबर को शुरू होकर 16 दिसंबर को पाकिस्तान की सेना के 93,000 सैनिकों के आत्मसमर्पण के साथ खत्म हुआ, जिसके बाद बांग्लादेश का जन्म हुआ ।
यह उद्गार आज 54 वें में विजय दिवस के अवसर पर आयोजित "वार मेमोरियल" पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए गौरव सेनानी एसोसिएशन बीकाणा के अध्यक्ष कर्नल हेम सिंह शेखावत, सेना मैडल,ने व्यक्त किये
इस अवसर पर संबोधित करते हुए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल यश राठौड़ ने बताया कि देश में 16 दिसंबर के विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है वर्ष 1971 के युद्ध में करीब 3900 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए थे, जबकि 9851 घायल हो गए थे । पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल ए ए के नियाजी ने भारत के पूर्वी सैन्य कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के समक्ष आत्मसमर्पण किया ,इस युद्ध में राजस्थान के वीर सपूत लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह राठौड़ की भूमिका भी मुख्य रही, इस अवसर पर वीर शहीदों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं ।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए क्षत्रिय सभा एवं ट्रस्ट, बीकानेर संभाग, के प्रवक्ता प्रदीप सिंह चौहान ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए , भारतीय सेना के साहस , शौर्य और पराक्रम की सराहना की ।
इस विजय दिवस श्रद्धांजलि सभा में सूबेदार एस एस विश्नोई , सूबेदार मेजर गोविंद सिंह भाटी, ए ओ सतपाल सिंह,महेश शर्मा इत्यादि ने भी विचार रखे एवं वार मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी ।
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